राजनीति - भारी मतभेद के बावजूद असम की इस दिग्गज पार्टी ने बीजेपी से किया गठबंधन, नागरिकता विधेयक पर छोड़ा था एनडीए

भारी मतभेद के बावजूद असम की इस दिग्गज पार्टी ने बीजेपी से किया गठबंधन, नागरिकता विधेयक पर छोड़ा था एनडीए



Posted Date: 13 Mar 2019

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गुवाहाटी। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसकी अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल, पार्टी ने अपने पुराने साथी असम गण परिषद (एजीपी) को मना लिया है और अब दोनों एक साथ आम चुनाव लड़ेंगे। देर रात हुई बैठक मे बीजेपी और एजीपी ने गठबंधन का फैसला किया है।

गठबंधन की रूपरेखा आगामी दो दिनों के भीतर तय कर ली जाएगी। बैठक में एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा, पूर्व मंत्री केशव महंता और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की बीजेपी महासचिव राम माधव मौजूद रहे। बैठक में असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल और वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी उपस्थित थे। सभी ने विषय पर वृहद चर्चा के बाद गठबंधन का फैसला किया।

 

बीपीएफ भी गठबंधन में शामिल- राम माधव

गंठबंधन के ऐलान बीजेपी महासचिव ने राम माधव ने देर रात किया। इसके साथ ही माधव ने बताया कि एजीपी के अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के साथ भी पार्टी ने एलायंस किया है। उन्होंने इस बावत एक ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, ‘चर्चा के बाद, भाजपा और एजीपी ने असम में आगामी संसदीय चुनावों में कांग्रेस को हराने के लिए एक साथ काम करने का फैसला किया है। गठबंधन में तीसरा साथी बीपीएफ होगा।’

राम माधव ने आगे कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के तीन एजीपी मंत्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द अपने प्रभार फिर से संभालें।

नागरिकता विधेयक के चलते एनडीए से तोड़ा था गठबंधन

एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा, ‘गठबंधन में शामिल होने का फैसला राज्य के हित में और आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।’

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आपको बता दें कि एजीपी और बीजेपी ने 2016 का विधानसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ा था और असम में कांग्रेस को हराया था। इसके बाद बीजेपी लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल ले आई और उसे पास कराया। बिल का असम गण परिषद (एजीपी) ने विरोध किया और एनडीए से गठबंधन तोड़ लिया। हालांकि, भारी मतभेद और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद एजीपी ने लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में शामिल होने का फैसला किया है।

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BY : shashank pandey




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