राष्ट्रीय - पेट्रोल पम्प संचालक कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर! लगा रहे ‘भाजपा प्रचार’ का दबाव बनाने का आरोप

पेट्रोल पम्प संचालक कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर! लगा रहे ‘भाजपा प्रचार’ का दबाव बनाने का आरोप



Posted Date: 27 Aug 2018

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नई दिल्ली। जैसे-जैसे साल 2018 का एक-एक दिन साल 2019 की ओर कदम बढ़ा रहा है, वैसे-वैसे आगामी लोकसभा चुनाव पर चुनावी पकड़ बनाने का दौर भी रफ़्तार में आता दिखाई दे रहा है। सत्ता पक्ष हो या फिर विपक्ष दोनों ही इस कवायद में जुटे हुए हैं कि किस तरह से इन चुनावों के लिए वोट बैंक जमा किया जा सके। इसी कड़ी में एक और मामला सामने आया है जो बेहद ही चौकाने वाला है। बात कर रहे हैं पेट्रोल पम्प पर लगने वाली चुनावी प्रचार की होर्डिंग्स की। पेट्रोल पम्प संचालन कर्ताओं का आरोप है कि उन पर पीएम मोदी के प्रचार वाली होर्डिंग्स लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं इसके साथ ही प्रत्येक कर्मचारी की जानकारी भी मांगी जा रही है, जो पेट्रोल पम्प पर काम करते हैं।

 

बता दें विपक्षी दल कई बार मोदी सरकार पर ‘विज्ञापन की सरकार’ होने का आरोप लगा चुके हैं। ताजा मामले ने विपक्ष को इस मुद्दे को उछालने का एक और मौक़ा दे दिया है।

खबरों के मुताबिक़ भारतीय पेट्रोलियम डीलर्स के संगठन के अध्यक्ष एसएस गोगी ने एक रिपोर्ट में कहा कि हमें कहा जा रहा है कि हम पीएम मोदी की तस्वीर अपने पेट्रोल पंप पर लगाएं। जिन लोगों ने इस बात को मानने से इंकार किया है, उन्हें तेल की आपूर्ति बंद कर देने की धमकी दी जा रही है।

इससे पहले बीते सप्ताह की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जून में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन आयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम ने पूरे देश के 59,000 पेट्रोलियम डीलर्स को एक चिट्ठी लिखी थी कि वह अपने कर्मचारियों की जानकारियां उन्हें भेजें ताकि प्रधानमंत्री स्किल डेवेलपमेंट योजना के तहत प्राथमिक शिक्षण योजना में उन कर्मचारियों की पहचान की जा सके।

डीलरों ने दावा किया था कि सरकार के द्वारा नियंत्रित तेल कंपनियां उन पर जानकारियां देने को लेकर दबाव बना रही हैं। जानकारी न देने की हालत में उन्हें पेट्रोल पंप के लिए तेल आपूर्ति रोकने की धमकी भी दी जा रही है।

एसएस गोगी ने दावा किया कि पेट्रोलियम विभाग की तरफ से सुझाए गए डिस्पले में सरकार की तरफ से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मुहैय्या कराने वाली योजना भी शामिल है।

 

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डीलर्स ने कहा कि उन पर ये दबाव इंडियन आयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. की ओर से बनाया जा रहा है।

गोगी ने कहा कि, उनका संगठन अदलात जाने की तैयारी कर रहा है। गोगी का आरोप है कि सरकार ने पूरे देश के पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 10 लाख कर्मचारियों की निजी जानकारियां भी उनसे मांगी हैं। गोगी के मुताबिक जो जानकारियां मांगी गईं हैं उसमें कर्मचारियों की जाति, धर्म और वह किस लोकसभा क्षेत्र भी शामिल है। उन्होंने कहा,"सरकार के द्वारा ऐसी जानकारी एकत्र किया जाना निजता का हनन है। हम इसके खिलाफ अदालत में जाएंगे।"

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BY : Ankit Rastogi


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