राजनीति - पुलवामा हमले को ‘दुर्घटना’ बताने वाले बयान पर फिर घिरे दिग्विजय, BJP नेता बोले- उन्हें गुप्त रोग...

पुलवामा हमले को ‘दुर्घटना’ बताने वाले बयान पर फिर घिरे दिग्विजय, BJP नेता बोले- उन्हें गुप्त रोग...



Posted Date: 08 Mar 2019

4432
View
         

नई दिल्ली। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद देश की वायुसेना ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की। वहीं इस घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ‘दुर्घटना’ शब्द का इस्तेमाल किया। फिर क्या था सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक दिग्विजय सिंह को खूब खरी-खोटी सुनाई गई। अब इसी फेहरिश्त में बीजेपी के एक और नेता का नाम शुमार हो गया है। जिन्होंने ना केवल ‘दुर्घटना’ शब्द का प्रयोग करने पर उन्हें भला बुरा कहा, बल्कि यह तक कहा डाला कि वे ‘गुप्त रोग’ से पीड़ित हैं। इसी कारण जब तक वे (दिग्विजय) देश विरोध में कुछ ना बोले तब तक उन्हें चैन नहीं मिलता।

खबरों के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सिंह को गुप्त रोग है और वो देश के खिलाफ जबतक बयान ना दें उन्हें भोजन नसीब नहीं होता।

भाजपा नेता ने कहा, ‘उनकी (दिग्विजय सिंह) उंगलियों और मुंह में एक गुप्त रोग है। जब तक वो अपनी उंगलियां मोबाइल पर नहीं चला लेते, जब तक मुंह से कुछ देश के खिलाफ बयान नहीं दे देते, तब तक दिग्विजय सिंह को भोजन नसीब नहीं होता।’

बता दें कि कांग्रेस नेता ने 14 फरवरी को सेना पर हुए आतंकी हमले को दुर्घटना कहा था। उन्होंने चार मार्च के अपने ट्वीट में कहा, ‘किन्तु पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गई ‘Air Strike’ के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है।’

हालांकि बाद में उन्होंने अन्य ट्वीट में कहा कि इसमें किसी को कोई शक नहीं है कि यह आतंकी हमला था, लेकिन ‘मोदी जी की ट्रोल आर्मी’ मूल प्रश्नों के उत्तर देने से इनकार कर रही है।

यह भी पढ़ें : के. राजशेखरन ने छोड़ा मिजोरम का राज्यपाल पद, प्रबल हुए सक्रिय राजनीति में दोबारा एंट्री के आसार

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हमें हमारी सेना पर उनकी बहादुरी पर गर्व है व सम्पूर्ण विश्वास है। सेना में मैंने मेरे अनेकों परिचित व निकट के रिश्तेदारों को देखा है किस प्रकार वे अपने परिवारों को छोड़ कर हमारी सुरक्षा करते हैं। हम उनका सम्मान करते हैं।’

बता दें पुलवामा आत्मघाती हमले में चालीस से ज्यादा जवानों की जान चली गई थी। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली।

यह भी पढ़ें : ‘गौतम’ की लोकप्रियता पर बीजेपी ‘गंभीर’, साफ होगा मीनाक्षी लेखी का पत्ता!


BY : Ankit Rastogi




Loading...




Loading...