अंतरराष्ट्रीय - चीन ने एक बार फिर दिया पाकिस्तान का साथ, मसूद अज़हर को ग्लोबल आंतकी घोषित होने से बचाया

चीन ने एक बार फिर दिया पाकिस्तान का साथ, मसूद अज़हर को ग्लोबल आंतकी घोषित होने से बचाया



Posted Date: 14 Mar 2019

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न्यूयार्क। मसूद अज़हर को ग्लोबल आंतकी घोषित किए जाने में चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा कर बचा लिया है। चीन ने ठीक एक घंटा पूर्व यह कदम उठा पाकिस्तान की एक बार फिर मदद कर यह जता दिया कि वह भारत को अपना प्रतिद्विंदी मानता है और भारत मज़बूत न हो इसके लिए वह इस प्रकार के कदम उठा पाक का सहयोग कर रहा है। पाक का सहयोग करने के लिए इसके अलावा चीन के पास एक कारण यह भी है कि पाक चीन में उईगर समुदाय पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ कुछ बोलता नहीं है। यदि चीन मसूद अज़हर का बचाव न करता तो हो सकता है पाक की ओर से उईगर समुदाय पर लगे कड़े प्रतिबंध पर दबाव डाला जाता।

चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएचसी) में देर रात जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने से फिर एक बार बचा लिया। 10 साल में यह चौथी बार है जब चीन ने इसके लिए अपने वीटो पावर का इस्तेमाल किया। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका अजहर के खिलाफ यह प्रस्ताव 27 फरवरी को लाए थे। इस पर आपत्ति की समय सीमा (बुधवार रात 12:30 बजे) खत्म होने से ठीक एक घंटे पहले चीन ने इस पर अड़ंगा लगा दिया। जबकि 10 से अधिक देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

चीन ने कहा कि वह बिना सबूतों के कार्रवाई के खिलाफ है। यही बात उसने तीन दिन पहले भी कही थी। इस पर अमेरिका ने चीन से गुजारिश की थी कि वह समझदारी से काम लें, क्योंकि भारत-पाक में शांति के लिए मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करना जरूरी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा चीन के रवैए से निराशा हुई। आतंकियों के खिलाफ हमारी कोशिशें जारी रहेंगी। भारत ने प्रस्ताव लाने और उसका समर्थन करने वाले देशों को धन्यवाद कहा है।

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इस बीच यूएनएचसी के सदस्यों ने चीन को चेतावनी दी है। चीन से कहा गया है कि अगर वह मसूद अज़हर को लेकर अपने रुख को नहीं बदलेगा तो दूसरी कार्रवाई के विकल्प खुले हैं। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यूएन में एक राजनयिक ने बताया कि चीन ने प्रस्ताव को ‘टेक्निकल होल्ड’ पर रखा है। इस प्रस्ताव पर समिति के सदस्यों को आपत्ति जताने के लिए 10 कार्य दिवस दिए गए थे। भारतीय समयानुसार यह समयसीमा बुधवार रात 12.30 बजे खत्म हो रही थी। समिति के नियमानुसार प्रस्ताव पर तय वक्त तक आपत्ति नहीं आती है तो उसे स्वीकार मान लिया जाता है।

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BY : Saheefah Khan




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