राष्ट्रीय - अधूरी तैयारी के साथ नोटबंदी पड़ी पूरे देश को भारी! करोड़ों का खर्च, फिर भी 18 हजार SBI एटीएम बेकार

अधूरी तैयारी के साथ नोटबंदी पड़ी पूरे देश को भारी! करोड़ों का खर्च, फिर भी 18 हजार SBI एटीएम बेकार



Posted Date: 24 Aug 2018

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कालाधन और जमाखोरी पर नकेल कसने के लिए जो कदम उठाया गया था। उस कदम से भारतीय अर्थ व्यवस्था पर पड़ने वाले असर से अभी भी देश पूरी तरह उबर नहीं पाया है। RTI के तहत पूछे गए सवाल के माध्यम से वो हकीकत सामने आई है, जो इस स्थिति को पूरी तरह से उजागर करती है। बता दें RTI के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में पता चला कि देश की सबसे बड़ी बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया अभी भी अपने सभी एटीएम को पूरी तरह से नए नोटों के अनुरूप नहीं बना पाई है। यानी 10 से 3 एटीएम अभी भी नए नोटों को निकालने में सक्षम नहीं हैं। इसका मतलब यह हुआ कि देश के करीब 18 हजार एसबीआई एटीएम पुराने 100 के नोट ही निकाल पाने में सक्षम हैं।

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बंद किये जाने की घोषणा की थी। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने सिलसिलेवार तरीके से 2,000, 500 और 200 रुपये के नये नोट जारी किये थे।

खबरों के मुताबिक़ नोटबंदी के 21 माह बाद भी सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के 18,135 एटीएम को अभी भी नये नोटों के अनुरूप नहीं ढाला जा सका है।

हालांकि, इस अवधि में बैंक ने 22.50 करोड़ रुपये के खर्च से 41,386 एटीएम को नये नोटों के अनुरूप तैयार कर लिया है।

बता दें मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने एक समाचार को बताया कि स्टेट बैंक ने उनकी आरटीआई अर्जी के जवाब में यह जानकारी दी है।

गौड़ ने एसबीआई से पूछा था कि बैंक के कितने एटीएम अब तक 2,000, 500 और 200 रुपये के नये नोटों के अनुरूप ढाले जा चुके हैं।

जवाब में एसबीआई ने बताया कि ''अब तक बैंक के 59,521 एटीएम में से 41,386 नकदी निकासी मशीनों को रीकैलिब्रेट कर लिया गया है और इस काम पर 22.50 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गयी है।

एसबीआई के उत्तर से स्पष्ट है कि फिलहाल उसके 18,135 एटीएम ग्राहकों को नये नोट देने लायक नहीं बन सके हैं।


BY : Ankit Rastogi


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