राष्ट्रीय - 5वीं पास के लिए 62 पोस्ट, टूट पड़े पीएचडी, बी.टेक और एमबीए डिग्रीधारी

5वीं पास के लिए 62 पोस्ट, टूट पड़े पीएचडी, बी.टेक और एमबीए डिग्रीधारी



Posted Date: 01 Sep 2018

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लखनऊ। देश में बेरोजगारी का आलम अपनी चरमसीमा पर है। अब या तो देश के शैक्षणिक संस्थान केवल डिग्री बांटकर अयोग्य छात्रों को पास कर रहे हैं, या फिर योग्यता होते हुए भी सरकार इन छात्रों के लिए उचित नौकरियां नहीं उपलब्ध करा पा रही है। दोष जिसको चाहें दें लें, लेकिन कड़वी हकीकत ये है कि आज की तारीख में देश का पढ़ा-लिखा नौजवान चपरासी बनने की कतार में खड़ा है। यूपी पुलिस विभाग में हाल ही में चपरासी संदेशवाहक के 62 पदों के लिए रिक्तियां निकाली गईं थी। इस पद के लिए योग्यता केवल पांचवी पास निर्धारित की गई है। इसके अलावा उम्मीदवार को साइकिल चलाना आना चाहिए। चपरासी के इस पद के लिए कुल मिलाकर 93 हजार आवेदन आए हैं। इन 93 हजार आवेदनों में करीब 50 हजार ग्रेजुएट, 28 हजार पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रीधारकों ने आवेदन किया है। वहीं करीब 3700 पीएचडी, बीटेक व एमबीए डिग्रीधारी छात्रों ने भी इस पद के लिए अपना आवेदन भेजा है। कुल आवेदकों में से केवल 7400 ही ऐसे हैं जोकि पांचवीं से 12वीं तक पढ़ें हैं।

उच्च डिग्री वाले छात्रों के रुझान को देखते हुए बदला जा रहा टेस्ट का पैटर्न

चपरासी की पोस्ट के लिए उच्च डिग्रीधारी छात्रों का रुझान देखते हुए इसके लिए कराए जाने वाले टेस्ट का पैटर्न बदला जा रहा है। एडीजी (टेलिकॉम) पीके तिवारी का मामले पर कहना है कि बीटेक, एमबीए और पीएचडी वालों के आवेदनों को देखते हुए इस बार से टेस्ट का पैटर्न बदला जा रहा है। टेस्ट में जनरल नॉलेज, बेसिक मैथ्स और रीजनिंग के सवाल होंगे। वहीं आवेदनों की संख्या व अभ्यर्थियों की संख्या देख कर चयन बोर्ड के लोग भी आश्चर्यचकित हैं। पुलिस महकमें में संदेशवाहकों का काम डाकिए जैसा है जो पुलिस के टेलिकॉम डिपार्टमेंट से पत्र और डॉक्युमेंट एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस पहुंचाते है। इस सरकारी नौकरी का शुरुआती वेतन लगभग 20 हजार रूपये है।

विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उच्च डिग्रीधारकों के आवेदन से हम निराश नहीं हैं। यदि उच्च और तकनीकी रूप से शिक्षित अभ्यर्थी का चयन संदेशवाहक के रूप में होता है, तो उन्हें हम अन्य कामों में भी लगा सकेंगे। ऐसे संदेशवाहकों को जल्द प्रमोशन भी मिलेगा। हमारे विभाग के लिए उपयोगी साबित होंगे।

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पुलिस विभाग भले ही चपरासी के इस पद के लिए बड़ी संख्या में उच्च डिग्रीधारकों के आवेदन आने से निराश न हो। इसके साथ वह इस पद के लिए टेस्ट का पैटर्न भी बदल दे। लेकिन मामले को अगर जमीनी हकीकत से जोड़कर देखा जाए। तो अब इस पद को मिलने की संभावना 5वीं पास उम्मीदवारों के लिए न के बराबर है।

ऐसे में जब कम पढ़े-लिखे उम्मीदवारों की नौकरी पर अधिक शिक्षित लोग काबिज होंगे, तो प्रदेश में बेरोजगारी के हालात बेकाबू होना लाजमी है।

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BY : INDRESH YADAV


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