राष्ट्रीय - फिर लटका आर्टिकल 35 ए का मामला, जनवरी में होगी अगली सुनवाई

फिर लटका आर्टिकल 35 ए का मामला, जनवरी में होगी अगली सुनवाई



Posted Date: 31 Aug 2018

27
View
         

नई दिल्ली। आर्टिकल 35 ए पर आज कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 19 जनवरी 2019 की निर्धारित की गई है। कोर्ट का यह फैसला दिसंबर में होने वाले पंचायत चुनाव क देखते हुए लिया गया है। केंद्र सरकार ने भी कोर्ट से दिसंबर में होने वाले इन पंचायत चुनावों की सुरक्षा-व्यवस्था का हवाला देते हुए 35 की सुनवाई टालने की मांग की थी। इससे पहले भी 27 अगस्त को मामले पर कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जोकि नहीं हो सकी। वहीं मामले पर 6 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस पर कई तरह के सवाल पूछे थे। इसके अलावा मामले को संविधान पीठ में भेजा जाना चाहिए या नहीं, इस पर भी कोर्ट द्वारा सवाल किया गया था।

तो इसलिए टल गई सुनवाई

आर्टिकल 35 ए मामले पर जम्मू-कश्मीर की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय चुनावों की तैयारियों में तैनात हैं। वहीं केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि स्थानीय चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने दिए जाएं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर नई याचिका पर फिलहाल सुनवाई टाल दी है।आर्टिकल 35 ए पर होने वाली सुनवाई के विरोध में अलगाववादियों ने गुरुवार को घाटी में बंद का आह्वान किया था। जिस वजह से यहां स्कूल-कॉलेज और दुकानें बंद रही। बंद की वजह से सड़कों पर वाहन नहीं दिखे। शुक्रवार को भी घाटी में हड़ताल है।

अनुच्छेद 35 A जम्मू-कश्मीर को राज्य के रुप में देता है विशेष अधिकार

अनुच्छेद 35 A जम्मू-कश्मीर को राज्य के रुप में विशेष अधिकार देता है। इसके तहत इस राज्य के बाहर का कोई निवासी न तो यहां कोई भी जमीन खरीद सकता है और न ही यहां का स्थाई निवासी बनकर रह सकता है। इसके अलावा 35 A के तहत यहां की राज्य सरकार को भी यह अधिकार मिलता है कि आजादी के बाद बाहर से आए शरणार्थियों व अन्य लोगों को वह अपने राज्य की सुविधाएं दें या फि न दे।

यह भी पढ़ें : नोटबंदी का वो सच, जो पैरों तले खींच लेगा जमीन, उम्मीद से भी बाहर RBI के ये आंकड़े

35A, को लेकर 14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एक आदेश पारित किया था। इस आदेश के जरिए भारत के संविधान में एक नया अनुच्छेद 35A जोड़ दिया गया। 35 A का मसला जम्मू-कश्मीर से जुड़ा होने के कारण हमेशा से संवेदनशील रहा है। पिछली बार हुई इस मामले की सुनवाई के दौरान अलगाववादियों ने घाटी में बंद का आह्वान किया था।

यह भी पढ़ें : IRCTC घोटाला मामले में लालू परिवार को बड़ी राहत, तेजस्वी-राबड़ी को मिली जमानत


BY : INDRESH YADAV


Loading...





Loading...
Loading...