राजनीति - इस बार इन दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे पीएम मोदी, बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला

इस बार इन दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे पीएम मोदी, बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में फैसला



Posted Date: 09 Mar 2019

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने शुक्रवार को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र अपने उम्मीदवारों के नाम, सीट और चुनावी रणनीति को लेकर वृहद स्तर पर चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे। देर रात तक चली इस बैठक में पार्टी आलाकमान ने 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को चुनाव लड़ाने और राज्यसभा सांसद व विधायकों को लोकसभा मैदान में अलग-अलग सीटों से लड़ाने पर चर्चा की। लोकसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीतियों को लेकर प्रधानमंत्री के साथ शीर्ष नेतृत्व की यह पहली बैठक थी।

वाराणसी से दोबारा चुनाव लड़ेंगे पीएम मोदी

मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आम चुनाव में दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ाने की बात पर सहमति बनी। इनमें वाराणसी लोकसभा सीट शामिल है। इसके अलावा एक अन्य लोकसभा सीट से भी मोदी चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इस सीट पर फैसला बाद में लिया जाएगा। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) मुखिया अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख वोटों से हराया था, जबकि उनके दूसरे प्रतिद्वंदी व कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय को महज 75,000 वोट मिले थे।

साथ विधानसभा चुनाव पर सहमति नहीं

करीब तीन घंटे तक चली पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की इस बैठक में लोकसभा औऱ विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव कराने को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। बैठक में तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब तक के बदले माहौल को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी का मानना है कि पुलवामा की आतंकी घटना के बाद आतंकवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई से माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है।

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75 साल के नेताओं को फिलहाल रिटायरमेंट नहीं

गौरतलब हो कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी ने सदस्यों के लिए नियमों में कई बदलाव किए थे। इसमें नेताओं के लिए सक्रीय राजनीति से रिटायरमेंट की उम्र सीमा 75 साल तय की गई थी। इससे 70 साल से अधिक उम्र वाले नेताओं को इस बार टिकट मिलने की संभावना न के बराबर रह गई थी। हालांकि, 2014 में शानदार जीत करने वाले बीजेपी के कई प्रमुख नेता इस बार इसी दायरे में आ रहे थे, ऐसे में यह नियम अब बदल दिए गए।

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BY : shashank pandey




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