राष्ट्रीय - पीएम मोदी की हत्या की साजिश पर एक्टिव हुई पुलिस, धर-पकड़ के तहत ताबड़तोड़ छापे, कई गिरफ्तार

पीएम मोदी की हत्या की साजिश पर एक्टिव हुई पुलिस, धर-पकड़ के तहत ताबड़तोड़ छापे, कई गिरफ्तार



Posted Date: 28 Aug 2018

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नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक्टिव मोड़ में आकर देशभर में कई एक्टिविस्ट और माओवादी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। इसी के तहत धर-पकड़ की प्रक्रिया को भी अंजाम दिया गया। इसके लिए पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस छापेमारी को अंजाम दिया। बता दें पुलिस के टारगेट पर महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड जैसे बड़े शहर रहे। इन छापों के पीछे मुख्य कारण पीएम मोदी की हत्या की साजिश बताई जा रही है।

बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जून में हुई गिरफ्तारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।

खबरों के मुताबिक़ पुलिस का दावा था कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार कई लोगों के पास से ऐसी चिट्ठी मिली थी, जिसमें ये लिखा था कि नक्सली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे। नक्सली पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह ही पीएम मोदी की हत्या करना चाहते थे।

दरअसल, इस साल जून में माओवादियों की एक चिट्ठी सामने आई थी, जिसमें राजीव गांधी की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का खुलासा हुआ था।

18 अप्रैल को रोणा जैकब द्वारा कॉमरेड प्रकाश को लिखी गई चिट्ठी में कहा गया कि हिंदू फासिस्म को हराना अब काफी जरूरी हो गया है। मोदी की अगुवाई में हिंदू फासिस्ट काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में इन्हें रोकना जरूरी हो गया है।

इसमें लिखा गया था कि मोदी की अगुवाई में बीजेपी बिहार और बंगाल को छोड़ करीब 15 से ज्यादा राज्यों में सत्ता में आ चुकी है। अगर इसी तरह ये रफ्तार आगे बढ़ती रही, तो माओवादी पार्टी को खतरा हो सकता है। इसलिए वह सोच रहे हैं कि एक और राजीव गांधी हत्याकांड की तरह घटना की जाए।

वहीं इस चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया गया कि यदि इस प्लानिंग के तहत पीएम मोदी को निशाना बनाया गया तो चांस है कि यह एक सुसाइड अटैक ही लगेगा। इसके तहत मोदी के रोड शो को आसानी से टारगेट किया जा सकता है।

इस बात का खुलासा होने के बाद से ही ऐसी गतिविधियों में शामिल सभी लोगों की धर-पकड़ प्रोग्राम को अंजाम देने में पुणे पुलिस ने सहभागिता दिखाई। इसके तहत ही ताज छापेमारी की योजना को अंजाम दिया गया।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में भी छापेमारी की। दिल्ली में पुलिस गौतम नवलखा को अपने साथ गाड़ी में बैठा कर ले गई, इसके अलावा उनके घर से लैपटॉप-कागजात को भी सीज़ किया गया। पुलिस ने गौतम नवलखा को साकेत कोर्ट में पेश किया।

वहीं, दिल्ली के बदरपुर में ही वकील सुधा भारद्वाज को भी हिरासत में लिया गया है। उनके भी लैपटॉप, फोन, पेन ड्राइव सीज किए गए हैं। पुलिस ने सुधा से उनके सभी ईमेल के एक्सेस देने को कहा है। सुधा के साथ-साथ उनकी बेटी अनु भारद्वाज के ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी मांगी गई है।

पुलिस ने हैदराबाद में कवि, वामपंथी विचारक और एक्टिविस्ट वरवरा राव के घर पर भी छापेमारी की, इस दौरान वहां पर काफी संख्या में भीड़ भी एकत्रित हो गई।

इसके अलावा पुणे में भी भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में छापेमारी की। ये छापेमारी एक्टिविस्ट अरुण फरेरिया के घर ठाणे में की गई। बताया जा रहा है कि पहले वे मुंबई में रहते थे।

अरुण फरेरिया ने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि सुबह 6 बजे से उनके घर पर रेड चल रही है, लेकिन उन्हें अभी ये नहीं पता है कि पुलिस सिर्फ छानबीन करेगी या फिर गिरफ्तार भी करेगी। उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल निर्दोष हैं।

अरुण फरेरिया की पत्नी ने कहा कि जब तक ये छापेमारी चल रही है, तबतक वे कोई बात नहीं कर सकते हैं।

गौरतलब है कि अरुण को पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन हर बार वह बाहर आ जाते हैं। अरुण पिछले काफी समय से मुंबई में कई आंदोलनों में हिस्सा लेते आ रहे हैं।


BY : Ankit Rastogi


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