राष्ट्रीय - RBI ने नोटबंदी और GST पर जारी किया वार्षिक रिपोर्ट, कुछ ऐसे दिया ब्यौरा

RBI ने नोटबंदी और GST पर जारी किया वार्षिक रिपोर्ट, कुछ ऐसे दिया ब्यौरा



Posted Date: 29 Jul 2018

19
View
         

नई दिल्ली। 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 और 500 के नोटों को बंद कर दिया। जिसके बाद से देश में हाहाकार जैसी स्थिति हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य कालाधन को खत्म करना था। अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नोटबंदी पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2017—18 पेश की है। इस रिपोर्ट में आरबीआई ने नोटबंदी, जीएसटी को लेकर अहम बात बताई है।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 8 नवंबर, 2016 को लागू की गई नोटबंदी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने वापस आए पुराने 1000 एवं 500 रुपए के नोटों का आंकड़ा जारी किया है।

आरबीआई ने साफ कर दिया है कि नोटबंदी के वक्त जितनी पुरानी करंसी चलन से बाहर हुई, उससे ज्यादा अब सर्कुलेशन में है। नवंबर 2016 में 15.44 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर की गई थी। मार्च 2018 तक 18.03 लाख करोड़ रुपए के नोट सर्कुलेशन में आ गए। पिछले एक साल में इसमें 37.7% की बढ़ोतरी हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2017 तक जितनी करंसी सिस्टम में थी, उसमें 72.7% नोट 500 और 2000 रुपए के थे। मार्च 2018 तक सर्कुलेशन में मौजूद कुल नोटों में 500 और 2000 रुपए के नोटों की संख्या 80.2% हो गई। आरबीआई के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ। देश में निवेश और निर्माण बढ़ा। सालाना आधार पर महंगाई कम हुई। पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले क्रेडिट ग्रोथ भी डबल डिजिट में लौट आई। अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में जीएसटी अहम साबित हुआ।

यह भी पढ़ेबस 6 माह, हाईटेक और स्मार्ट होगी भारतीय रेल, हर स्टेशन बनेगा ‘डिजिटल’

आरबीआई ने जाली नोटों पर भी आंकड़े जारी किए हैं। आरबीआई ने बताया है कि 2017-18 में 5,22,783 नोट, 2016-17 में 7,62,072 नोट और 2015-16 में 6,32,926 नोट पकड़ में आए थे। यानी जाली नोटों का धंधा अब भी जारी है।

बता दे कि 2016 में नोटबंदी का ऐसा फैसला 1978 के बाद हुआ था। तब जनता पार्टी की सरकार ने 1000, 5000 और 10000 हजार के नोटों को बंद कर दिया था।

यह भी पढ़ेकरुणानिधि के बाद बिगड़ी उनकी पत्नी की सेहत, अस्पताल में भर्ती


BY : ANKIT SINGH


Loading...





Loading...
Loading...