राष्ट्रीय - वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर बोले राहुल, जो शिकायत करे उसे गोली मार दो, यही है न्यू इंडिया

वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर बोले राहुल, जो शिकायत करे उसे गोली मार दो, यही है न्यू इंडिया



Posted Date: 29 Aug 2018

30
View
         

नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच कर रही पुलिस ने बीते मंगलवार देश भर में कई जगह छापेमारी की। यह छापेमारी मुख्य रुप से वामपंथी विचारकों के ठिकानों पर की गई। इस दौरान पुलिस द्वारा पांच लोगों की गिरफ्तारी की गई है। ये पांचों लोग वामपंथी विचारधारा के समर्थक माने जा रहे हैं। मामले पर लेफ्ट दलों समेत कई अन्य विपक्षी पार्टियों ने सरकार के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले को लेकर सरकार पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया कि जो शिकायत करे उसे गोली मार दो, यही है न्य इंडिया।

देश में एकमात्र एनजीओ आरएसएस के लिए जगह

मामले को लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत में सिर्फ एक एनजीओ के लिए जगह है और इसका नाम आरएसएस है। बाकी सभी एनजीओ बंद कर दो। सभी एक्टिविस्टों को जेल में भेज दो और जो लोग शिक़ायत करें उन्हें गोली मार दो, न्यू इंडिया में आपका स्वागत है।

वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राहुल गांधी के अलावा मशहूर लेखिका अरुंधती रॉय ने भी इसके लिए सरकार को आड़े हाथों लिया। मामले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि जो हो रहा है यह पूरी तरह खतरनाक है, ऐसा लगता है कि इमरजेंसी की घोषणा होने वाली है।

वहीं सीपीआई नेता प्रकाश करात ने वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक बड़ा हमला है। हम मांग कर रहे हैं कि इन लोगों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया जाए और उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए।

आपको बता दें कि गिरफ्तार किए गए लोगों में रांची से फादर स्टेन स्वामी, हैदराबाद से वामपंथी विचारक वरवरा राव, फरीदाबाद से सुधा भारद्धाज और दिल्ली से सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नावलाखा शामिल हैं।

हालांकि सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा को फिलहाल फौरी तौर पर राहत दी गई है। सुधा भारद्वाज के ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन दिन का स्टे लगा दिया है। इससे पहले भारद्वाज की तरफ से की गई ट्रांजिट बेल की अपील फरीदाबाद के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट से उन्हें तीन दिन की राहत मिली है। इस दौरान सुधा भारद्वाज तीन दिनों तक हाउस अरेस्ट में रहेंगी।

यह भी पढ़ें : पीएम मोदी की हत्या की साजिश पर एक्टिव हुई पुलिस, धर-पकड़ के तहत ताबड़तोड़ छापे, कई गिरफ्तार

वहीं, इसी मामले में पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार दलित एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली, लेकिन यह राहत सिर्फ एक दिन के लिए है। हाईकोर्ट बुधवार सुबह फिर नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा।ज्ञात हो कि बीते मंगलवार भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक्टिव मोड़ में आकर देशभर में कई एक्टिविस्ट और माओवादी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। इसी के तहत धर-पकड़ की प्रक्रिया को भी अंजाम दिया गया। इसके लिए पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस छापेमारी को अंजाम दिया। बता दें पुलिस के टारगेट पर महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड जैसे बड़े शहर रहे। इन छापों के पीछे मुख्य कारण पीएम मोदी की हत्या की साजिश बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें : विश्व में भी गर्माया राम मंदिर का मुद्दा, धर्मगुरु अयातुल्ला ने इराक से भेजा रिजवी के लिए फतवा


BY : INDRESH YADAV


Loading...





Loading...
Loading...