विशेष - गांव के गलियारों से तय किया सत्ता के शिखर तक का सफ़र... ये हैं सुखदेव राजभर

गांव के गलियारों से तय किया सत्ता के शिखर तक का सफ़र... ये हैं सुखदेव राजभर



Posted Date: 28 Aug 2018

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सुखदेव राजभर का जन्म 5 सितम्‍बर, 1951 को आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने बीएससी (कृषि) और एलएलबी की डिग्री तिलकधारी महाविद्यालय जौनपुर से प्राप्त की। सुखदेव राजभर एक भारतीय राजनेता और भारत के उत्तर प्रदेश 17 वीं विधान सभा के सदस्य हैं। वह उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के 'दीदारगंज' निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

जीवन परिचय

सुखदेव राजभर के पिता का नाम छांगुर राजभर था। इनका जन्म 5 सितंबर1951  में ग्राम- बड़गहन, तहसील- लालगंज, जिला- आजमगढ़ में हुआ था।

इनकी पत्‍नी का नाम सुमित्रा देवी है। इनकी संतानों की बात करें तो इनके एक पुत्र और पांच पुत्री हैं। वैसे तो इन्होंने बीएससी (कृषि) और एलएलबी की डिग्री हासिल की, लेकिन इनका मूल व्यवसाय कृषि है।

राजनीतिक करियर

सुखदेव राजभर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी से अपने करीबी प्रतिभागी आदिल शेख को 3,645 वोटों के अंतर से पराजित किया।

किस दौरान क्या-क्या किया?

साल 1991 में पहली बार ये ग्‍यारहवीं विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए। वहीं 1991- 1992 में अनुसूचित जातियों, जनजातियों तथा विमुक्‍त जातियों सम्‍बन्‍धी संयुक्‍त समिति के सदस्य बने।

वहीं 1993 के नवम्‍बर माह में ये दूसरी बार मध्‍यावधि में बारहवीं विधान सभा के सदस्‍य के रूप में निर्वाचित किये गए।

साल 1993 में 04 दिसम्‍बर से लेकर 01 जून 1995 तक ये सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमण्‍डल में राज्‍य मंत्री, सहकारिता और मुस्लिम वक्‍फ विभाग के सदस्य रहे।

वहीं 10 अगस्‍त 1994 से 01 जून 1995 तक इन्होंने मुलायम सिंह के ही मंत्रीमंडल में राज्‍य मंत्री, माध्‍यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग मंत्री का पद संभाला।

बाद में 26 जून 1995 से 18 अक्‍टूबर 1995 तक ये बसपा प्रमुख मायावती के मंत्रिमण्‍डल में माध्‍यमिक, बेसिक एवं प्रौढ़ शिक्षा विभाग मंत्री रहे।

साल 1997 के जनवरी माह से लेकर 2002 के फरवरी माह तक इन्होंने उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्‍य के तौर पर काम किया।

वहीं 21 मार्च 1997 से 21 सितंबर 1997 तक ये मायावती मंत्रिमंडल में ग्राम विकास, अम्‍बेडकर ग्राम विकास तथा प्रान्‍तीय विकास दल विभाग के मंत्री रहे।

21 सितम्‍बर 1997 से 19 अक्‍टूबर 1997 तक इन्होंने ग्राम विकास, लघु सिंचाई विभाग के मंत्री के रूप में कल्‍याण सिंह मंत्रिमण्‍डल में अपना सहयोग दिया।

वहीं चौदहवीं विधान सभा के सदस्‍य तौर पर इन्हें तीसरी बार साल 2002 के फरवरी माह में निर्वाचित किया गया। 

03 मई 2002 से 29 अगस्‍त 2003 तक ये मायावती मंत्रिमण्‍डल संसदीय कार्य, वस्‍त्रोद्योग एवं रेशम उद्योग विभाग के मंत्री रहे।

वहीं साल 2002 से 2003 तक ये नियम समिति के सदस्य रहे। बाद में 2002- 2004 में कार्य- मंत्रणा समिति का सदस्‍य बनाया गया।

साल 2007 के अप्रैल-मई माह के बीच इन्हें पन्‍द्रहवीं विधान सभा के सदस्‍य के रूप में चौथी बार निर्वाचित किया गया।

13 मई 2007 से 16 मई 2007 के बीच इन्होंने मायावती के मंत्रिमंडल में बतौर मंत्री के कार्यभार संभाला।

18 मई 2007 से 13 अप्रैल 2012 के बीच ये विधान सभा अध्‍यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए।

बता दें पठन, पाठन और समाज सेवा में इनकी हमेशा से रुची रही। विदेश यात्रा की बात करें तो सिंगापुर, मलेशिया, आस्‍ट्रेलिया, हांगकांग, न्‍यूजीलैण्‍ड, स्विटजरलैण्‍ड, नार्वे, स्‍वीडन और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों का इन्होंने भ्रमण किया।

अन्‍य जानकारी   

कोषाध्‍यक्ष, अखिल भारतीय राजभर महासंघ (1982- 1989)

अध्‍यक्ष, अखिल भारतीय राजभर महासंघ (1989 से)

सदस्‍य, उ0प्र0 विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्‍यवस्‍था सम्‍बन्‍धी जांच समिति (1998- 1999)

सदस्‍य, उ0प्र0 विधान परिषद की लखनऊ नगर निगम एवं विभिन्‍न विकास प्राधिकरणों से सम्‍बंधित जांच समिति (1998- 1999)

सदस्‍य, उ0प्र0 विधान परिषद की संसदीय अध्‍ययन समिति (1999- 2000)

सदस्‍य, उ0प्र0 विधान परिषद के प्रश्‍नों का क्रम निर्धारण और प्रक्रिया नियमन समिति (1999- 2000)

सभापति, संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति व विधान मण्‍डल सदस्‍यों के आवासीय परिवाद सम्‍बन्‍धी जांच समिति (2001- 2002)

प्रबन्‍धक, मां बबुना देवी बालिका महाविद्यालय

विभिन्‍न आंदोलनों में धारा- 144 आई0पी0सी0 व धारा- 188 सी0आर0पी0सी0 के अन्‍तर्गत जिला कारागार, आजमगढ़ में लगभग एक माह बन्‍दी रहे।

स्‍थायी पता ग्राम- बड़गहन, पोस्‍ट- बरदह, तहसील- लालगंज, जिला- आजमगढ़।


BY : Ankit Rastogi


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