राष्ट्रीय - ना खुदा ही मिला ना विसाल-ए-सनम, मुस्लिम से हिंदू बना लड़का, कोर्ट में गच्चा दे गई लड़की

ना खुदा ही मिला ना विसाल-ए-सनम, मुस्लिम से हिंदू बना लड़का, कोर्ट में गच्चा दे गई लड़की



Posted Date: 28 Aug 2018

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें पति ने अपना धर्म बदलकर हिंदू जैन लड़की से शादी की थी। लेकिन कोर्ट में लड़की ने अपने मां-बाप के साथ रहने की इच्छा जताई। लड़की की इच्छा का सम्मान करते हुए कोर्ट ने उसे उसके मां-बाप के साथ रहने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि लड़की की वैवाहिक स्थित पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकती, वह एक अलग मसला है। लेकिन लड़की द्वारा उसके मां-बाप के साथ रहने की इच्छा जताने पर वह उसे इसकी इजाजत देती है।

जानिए क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में 23 साल की एक हिंदू लड़की से शादी करने वाले मुसलमान से हिंदू बनने 33 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के कब्जे से आजाद कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर पीठ ने पुलिस को लड़की को उसके सामने पेश करने का निर्देश दिया था। व्यक्ति ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसने महिला से पूछा था कि क्या वह माता-पिता के साथ रहना चाहती हैं या हॉस्टल में।

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इस दौरान जजों की पीठ ने महिला से कई सवाल किये, जैसे 'उसका क्या नाम है', 'क्या आपकी शादी वाकई हुई' और 'आप अपने पति के साथ क्यों नहीं रहना चाहती हैं'। महिला ने सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वह बालिग है और उसे किसी ने मजबूर नहीं किया है और यद्यपि उसने मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी उर्फ आर्यन आर्य से शादी की, लेकिन वह स्वेच्छा से अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है।

पीठ ने उसके स्पष्ट बयान पर विचार किया और उच्च न्यायालय के आदेश में संशोधन किया जिसमें कहा गया था कि या तो वह अपने माता-पिता के साथ रहे या हॉस्टल में रहे और अदालत ने उसे सीधा अपने माता-पिता के घर जाने की अनुमति दे दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह विवाह की वैधता पर विचार नहीं करेगी क्योंकि इसपर सक्षम अदालत विचार करेगी।'

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BY : INDRESH YADAV


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