अंतरराष्ट्रीय - अफगानिस्तान : आतंकियों ने 13 बस यात्रियों का किया अपहरण, बदख्शां से जा रहे थे काबुल

अफगानिस्तान : आतंकियों ने 13 बस यात्रियों का किया अपहरण, बदख्शां से जा रहे थे काबुल



Posted Date: 12 Mar 2019

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काबुल। तालिबान के आतंक से परेशान अफगानिस्तान के सामने एक और बड़ी मुसीबत सामने आ गई है। दरअसल, सशस्त्र आतंकवादियों ने मंगलवार को देश के बागलान प्रांत में एक यात्री बस को रोककर 13 यात्रियों का अपहरण कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘सशस्त्र आतंकवादियों के एक समूह ने बागलान-ए-मरकाजी जिला स्थित जार-ए-खुश्क इलाके में एक यात्री बस को रोक दिया। इसके बाद दहशतगर्दों ने यात्रियों की तलाशी लेनी शुरु की। बाद में वे 13 लोगों को किडनैप कर अज्ञात स्थान ले गए।

बदख्शां से काबुल जा रही थी बस

एक अधिकारी ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यात्री बस उत्तरी बदख्शां से काबुल जा रही थी। सभी यात्री इन्हीं इलाकों तक पहुंचने के लिए बस में सवार थे। उन्होंने बताया कि अगवा हुए लोगों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रयास चल रहे हैं।

तालिबान ने घटना को दिया अंजाम

अधिकारी ने बताया को घटना को तालिबान समर्थन आतंकियों ने अंजाम दिया है। इसका मतलब घटना के पीछे इसी आतंकी संगठन का हाथ है। हालांकि बागलान और पड़ोसी कुंदुंज प्रांत के कुछ हिस्सों में सक्रिय तालिबान आतंकवादियों ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

क्या है तालिबान?

आपको बता दें कि तालिबान अफगानिस्तान में सक्रिय एक कट्टरपंथी आतंकी संगठन हैं। यह वहीं समूह है जिसने मलाला यूसुफजई के सिर में गोली मारी थी। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि समूह के मुताबिक, महिलाओं को शिक्षा नहीं लेनी चाहिए। इसके साथ ही इस्लाम में किसी भी प्रकार का सुधार गुनाह है और इसकी सजा मौत है। मालूम हो कि तालिबान का उदय 90 के दशक में उत्तरी पाकिस्तान में हुआ जब अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत संघ की सेना वापस जा रही थी। पशतूनों के नेतृत्व में उभरा तालिबान अफ़ग़ानिस्तान के परिदृश्य पर 1994 में सामने आया।

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माना जाता है कि तालिबान सबसे पहले धार्मिक आयोजनों या मदरसों के ज़रिए उभरा जिसमें ज़्यादातर पैसा सऊदी अरब से आता था। 80 के दशक के अंत में सोवियत संघ के अफ़ग़ानिस्तान से जाने के बाद वहां कई गुटों में आपसी संघर्ष शुरु हो गया था और मुजाहिद्दीनों से भी लोग परेशान थे। ऐसे हालात में जब तालेबान का उदय हुआ था तो अफ़ग़ान लोगों ने उसका स्वागत किया था।

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BY : shashank pandey




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