राष्ट्रीय - दो साल में ही पेट्रोल-डीजल से सरकारी खाजने में आए 15 लाख करोड़, जानिए पूरा आकड़ा

दो साल में ही पेट्रोल-डीजल से सरकारी खाजने में आए 15 लाख करोड़, जानिए पूरा आकड़ा



Posted Date: 28 Jul 2018

33
View
         

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतें अबतक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। बढ़ी कीमतों ने चारों ओर हाहाकार मचा दिया है। पेट्रोल की कीमतें रोज नए रिकॉर्ड बना रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 78 रुपये 05 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है, जो सितंबर 2014 के बाद से सबसे ज्यादा है। वहीं डीजल का भाव 69 रुपये 61 पैसे है, जो अब तक के इतिहास में इतना महंगा कभी नहीं हुआ। बढ़ी कीमतों ने सबसे ज्यादा असर किसानों पर डाला है। फसलों की सिचाई में महंगाई ने खलल डाल दिया है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता में डीजल के दाम 72.46 रुपये प्रति लीटर जबकि चेन्नई में 73.54 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 80.98 रुपये और चेन्नई में 81.09 रुपये प्रति लीटर हो गई है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल अपने सर्वोच्च स्तर पर 29 मई को था, जब यह इन शहरों में क्रमश: 78.43 रुपये, 81.06 रुपये, 86.24 रुपये और 81.43 रुपये प्रति लीटर पर बिका था।

यह भी पढ़ेइस डील से तय होगा भारत में रिटेल कारोबार का फ्यूचर, Amazon समेत Google की है नजर

जहां एक तरफ तेल की बढ़ती कीमतों से आम जनता की कमर टूट रही है वहीँ सरकार का खजाना बढ़ता जा रहा हैं। आकड़ों के मुताबिक साल 2015-16 में तेल की बिक्री से केंद्र सरकार के खजाने में 2.53 लाख करोड़ और राज्य के खजाने में 1.60 लाख करोड़ जाते थे जो बढ़कर 2017-18 में केंद्र के खजाने में 3.43 लाख करोड़ और राज्य सरकार के खजाने में 2.09 लाख करोड़ रुपये हो गए। यानी दो सालों में केंद्र और राज्य के खाजने को मिलाकर कुल 15 लाख करोड़ रुपये सरकारी खजानों में जमा हुए है।

यह भी पढ़े- पीएम मोदी की हत्या की साजिश पर एक्टिव हुई पुलिस, धर-पकड़ के तहत ताबड़तोड़ छापे, कई गिरफ्तार


BY : ANKIT SINGH


Loading...





Loading...
Loading...