मनोरंजन - 90 के दशक में फिल्मों में पिटता रहा, काम के अभाव के बीच आई मौत और दो दिन सड़ने के बाद मिली लाश

90 के दशक में फिल्मों में पिटता रहा, काम के अभाव के बीच आई मौत और दो दिन सड़ने के बाद मिली लाश



Posted Date: 10 Feb 2019

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मुंबई। अक्सर फिल्मों में एक लंबा-चौड़ा खूंखार सा दिखने वाला विलेन, जो अंत में हीरो के हाथों पराजित होता था, लेकिन अपना छोटा सा रोल भी काफी हद तक जस्टिफाई कर जाता था, करियर के बुरे और लंबे वक्त को झेलने के बाद वो विलेन अब नहीं रहा। बॉलीवुड के खलनायक महेश आनंद (57) को अंधेरी स्थित उनके घर में शनिवार सुबह मृत पाया गया।

पुलिस ने कहा कि कई वर्षों से अकेले रह रहे और बेरोजगार आनंद की मौत संभवत: दो दिन पूर्व हो गई थी, और उनके सड़े हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया है, ताकि मृत्य के समय और कारण का पता चल सके।

1980 और 1990 के दशक के एक लोकप्रिय अभिनेता को उनकी लंबी और सख्त कद-काठी के लिए जाना जाता था। उन्होंने कई फिल्मों में मुख्य खलनायक की भूमिका निभाई थी, लेकिन कई वर्षो से वह गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे।

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आनंद ने अमिताभ बच्चन, गोविंदा, संजय दत्त जैसे अभिनेताओं के साथ गंगा जमुना सरस्वती और शाहंशाह (1988), मजबूर (1989), थानेदार (1990), बेताज बादशाह (1994), कूली नं.1 (1995), विजेता (1996), लाल बादशाह, आया तूफान (1999), बागी और कुरुक्षेत्र (2000), प्यार किया नहीं जाता (2003) जैसी फिल्मों में काम किया था।

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15 वर्षो के लंबे अंतराल बाद वह हाल ही में पहलाज निहलानी की रंगीला राजा में गोविंदा के साथ दिखाई दिए थे। यह फिल्म इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। एक अधिकारी ने कहा कि वर्सोवा पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का एक मामला दर्ज किया है और आनंद की बहन को इस बारे में सूचित कर दिया है, जो मुंबई में रहती हैं।


BY : Yogesh




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