कारोबार - RBI के इस फैसले से चमक उठेंगे Paytm जैसे ई-वॉलेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के चेहरे

RBI के इस फैसले से चमक उठेंगे Paytm जैसे ई-वॉलेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के चेहरे



Posted Date: 08 Feb 2019

3684
View
         

नई दिल्ली। वर्तमान समय में ज्यादातर लोग कैश रखना पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि कई कंपनियों ने अपने ई-वॉलेट के जरिए कैश रखने के झंझट से मुक्ति दे दी है। इसके जरिए लोग कहीं भी किसी भी प्रकार का भुगतान कर सकते हैं और साथ ही किसी भी प्रकार का बिल या फिर लेन देन हो, उस में भी लोगों को काफी सहूलियत मिलती है। हालांकि इन मोबाइल वॉलेट के बढ़ते विकल्प के चलते आरबीआई भी कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। यही कारण है कि अब पेटीएम और मोबिक्विक जैसे ई-वॉलेट के लेनदेन को और सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई ने कड़ा फैसला लिया है।

दरअसल आरबीआई ने पेटीएम और मोबिक्विक और भारत बिल जैसे पेमेंट गेटवे के लिए गाइडलाइंस निर्धारित की हैं। जिसका पालन इन सभी को करना होगा। आरबीआई के गाइडलाइंस का पालन करके ये सभी गेटवे और अधिक सुरक्षित और ज्यादा पारदर्शी हो जाएंगे। यही नहीं इन सभी दिशानिर्देशों के पालन से जो लाभ होगा, वह सीधे यूजर्स को मिलेगा। बताते चलें कि पूर्व में यह सभी गेटवे सेंट्रल बैंक द्वारा अधिकृत नहीं थे लेकिन आने वाले समय में इन्हें आरबीआई के निर्देशों का पालन करना होगा।

यह भी पढ़ें : 19 करोड़ पैन कार्ड धारकों को लग सकता है झटका, हो सकता है PAN रद्द, जानें क्यों?

दरअसल रिजर्व बैंक के 2009 के दिशानिर्देशों के मुताबिक एक नोडल बैंक के माध्यम से ही ट्रांजेक्शन होना चाहिए। वहीं इन्हीं दिशानिर्देशों के मुताबिक पेमेंट गेटवे प्रोवाइडर और पेमेंट एग्रीगेटर के नोडल अकाउंट को बैंकों के आंतरिक खातों के रूप में माना जाएगा। जिसके बाद अब रिजर्व बैंक के हालिया फैसले से यह सभी पेमेंट गेटवे और भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे और इनके जरिए होने वाली छेड़छाड़ बंद हो सकेगी।

यह भी पढ़ें : SBI अपने ग्राहकों को करेगा मालामाल, इस प्रतियोगिता में जीतने वाले को मिलेंगे लाखों रुपए, जानें कैसे


BY : Akhilesh Tiwari




Loading...




Loading...