राष्ट्रीय - धड़ल्ले से गुजरात की हरियाली छीन रही भाजपा सरकार, पांच साल में उजाड़ दिए 6 लाख से अधिक पेड़

धड़ल्ले से गुजरात की हरियाली छीन रही भाजपा सरकार, पांच साल में उजाड़ दिए 6 लाख से अधिक पेड़



Posted Date: 09 Mar 2019

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गांधीनगर। गुजरात को देश का विकास मॉडल बताकर भाजपा ने नरेंद्र मोदी को 2014 लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया और चुनाव जीत लिया। इस कथित विकास के बदले प्रकृति को जो कीमती चुकानी पड़ रही है उसके आंकड़े गुजरात विधानसभा में राज्य के वन मंत्री गणपत वसावा ने लिखित रूप में पेश किए।

सितंबर 2018 में गरबाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक चंद्रिकाबेन बारिया ने विधानसभा में इस बारे में सरकार से सवाल पूछा था। जिसके जवाब में राज्य के वन मंत्री गणपत वसावा ने जो लिखित जानकारी दी वो चौंकाने वाली है। गुजरात भाजपा सरकार ने 2013 से 2017 के मध्य राज्य में 9.74 लाख पेड़ों को काटने की अनुमति दी थी। जिसमें 6.51 लाख पेड़ उजाड़ दिए गए हैं।

पेड़ गिराने के अधिकतर मामले दक्षिणी गुजरात में सामने आए। बता दें कि पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार ने सख्ती भी कम कर दी और साल 2013 में भाजपा सरकार ने 1,94,119 पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति दी और 2017 में यह सीमा 7.14 फीसदी की दर से बढ़कर 2,07,974 पहुंच गई।

अधिकतर पेड़ों को काटने की अनुमति के मामले वलसाड, नवसारी, सूरत और डांग जिले से सामने आए हैं। इन जिलों में पूरे राज्य का अकेला 46 फीसटी कटान हुआ है। इनमें भी सबसे अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति गुजरात के वलसाड जिले को दी गई थी।

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जानकारी के मुताबिक जिले में 1,41,145 पेड़ काटे गए हैं, जो अपने आप एक रिकॉर्ड संख्या है। जिनमें सिर्फ दक्षिणी गुजरात के जिलों जैसे नवसारी में 1,16,559 पेड़ काटे गए हैं। वहीं सूरत में 1,03,896 और डांग में 84,963 पेड़ काटे गए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में, विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर और अधिक पेड़ों को कटाई होने की उम्मीद है।

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बता दें कि गुजरात के एसजी-राजमार्ग पर फिलहाल पेड़ों की कटाई चल रही है। यहां सरखेज और चिलोदा के बीच चार लेन के ट्रैक पर निर्माण कार्य चल रहा है। इस छः लेन का बनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के लिए 5,000 से भी अधिक पेड़ काटने होंगे। विशेषरूप से गांधीनगर में अधिक पेड़ काटने पड़ सकते हैं। भविष्य में बुलेट ट्रेन परियोजना के चलते भी 51,000 से अधिक पेड़ काटे जा सकते हैं।


BY : Yogesh




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