विशेष - अगर आप हैं सख़्त, तो बनकर देखिए ‘भक्त’

अगर आप हैं सख़्त, तो बनकर देखिए ‘भक्त’



Posted Date: 12 Mar 2019

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नरेंद्र दामोदरदास मोदी, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री, वाराणसी के वर्तमान सांसद और देश के वर्तमान प्रधानमंत्री। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के लिए अगर प्रशंसाओं की बाढ़ आई तो कई आलोचनाओं की नालियां भी बहीं। घर में घुसा बाढ़ का पानी आखिर नाली से निकलता है। प्रधानमंत्री मोदी के अंध समर्थक जिन्हें विपक्षी ‘भक्त’ भी कहते हैं, उनका कहना है कि ‘मोदी जी सबसे बेस्ट पीएम हैं, अगले प्रधानमंत्री भी वहीं बनेंगे और अगले भी.. और अगले भी.. जय श्री... भारत माता की....’।

आज हम समर्थकों की इन बातों से सहमत होकर देखेंगे। आज हम निष्पक्षता के चश्मे को उतार फेकेंगे और पहनेंगे वो भाजपाई चश्मा जिसमें नरेंद्र मोदी, ‘मोदी जी’ दिखें और सबसे बेस्ट पीएम भी हम उनको मान लेंगे। इससे हमारा जीवन तो कतई नहीं बदलेगा, हमारी समस्याएं तो कतई हल नहीं होंगी लेकिन फिर भी हम आज ‘पत्रकार’ से ‘भक्त’ बनकर देखेंगे।

मोदी जी 2014 में तूफान की तरह आए। 10 साल से एक सोई सरकार को मूल समेत उखाड़ फेंका। ऐसा फेंका कि आज तक वो अपनी ज़मीन तलाश रहे हैं। इस उम्र में भी मोदी जी ने ताबड़तोड़ रैलियां की, अपने गुजरात विकास मॉडल को देश के कोने-कोने पहुंचाया। वो मोदी जी ही थे जिन्हें चुनाव जीतने के लिए अपने व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों के राज़ खोलने पड़े। सबको बताना पड़ा कि वो पहले चाय बेचते थे, उनकी मां कहां और कैसे रहती है और उनकी पत्नी कितने सुख में रहती हैं। ये शायद नेहरू कभी कर ही न पाते।

मोदी जी ने कोई चुनावी वादा नहीं किया। बल्कि भविष्य में तामीर होने वाली सभी योजनाओं की जनता को सूचना दी। पिछले लगभग 5 सालों से ये चौकीदार देश के दरवाज़े पर बैठा है ताकि देश आर्थिक रूप से और सैन्य रूप से सुरक्षित रहे। इसी का नतीजा है कि आज देश से एक व्यापारी कर्ज लेकर देश छोड़कर नहीं भाग पाया और विदेशों में जमा पूरा कालाधन आज देश वापस आ गया है। आज अगर नेहरू होते तो ये कभी न हो पाता।

मोदी जी ने 2014 में वादा किया था नौकरियों का। आज पूरे देश में इतनी नौकरियां हैं कि लोग कम पड़ रहे हैं, ये चिंताजनक है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस ने जुलाई 2017 से जून 2018 के मध्य एक सर्वे किया, जिसमें पता चलता है कि देश में बेरोज़गारी दर 6.1 प्रतिशत बढ़ी है। पिछले 45 सालों में सबसे अधिक बेरोज़गारी वर्तमान मोदी जी की सरकार में पैदा हुई है, इससे पहले 1972-73 में सबसे अधिक हुआ करती थी। सब बेकार की बातें हैं, नेहरू होते तो भी यही होता।

कांग्रेस सरकार जब देश को मंहगाई से मार रही थी तो मोदी जी मसीहा बनकर आए और बोले कि हम काला बाजारी पर रोक लगाएंगे और महंगाई की हार होगी। आज घरेलू चीज़ों से लेकर पेट्रोल (कुल महीने पहले 90 पार था, तो क्या हुआ?) इतना सस्ते हैं कि समझ नहीं आ रहा कि कैसे मोदी जी ने ये सब संभव किया। कभी-कभी तो लगता है कि यही रामराज है।

मोदी जी ने 2014 में एक सपना देखा था, बुलेट ट्रेन का। आज जब पूरा देश बुलेट ट्रेन से चलता है तो मोदी जी का 56 इंच का सीना लगभग 56.5 इंच तक चौंड़ा हो जाता है। सबसे कमाल की बात तो यह है कि न किसी धक्का-मुक्की की खबर न ही किसी दुःखद हादसे की खबर, बुलेट ट्रेन अनवरत चल रही है।

जब से देश में लोकपाल आया है तब से एक अलग ही तरह का साफ-सुथरा माहौल बन गया है। अब हर किसी को बेईमानी से डर लगता है। अन्ना आंदोलन और 2014 में आई मोदी जी सरकार की ही देन है कि आज भारत एक लोकपाल युक्त देश है।

अभी कल ही की बात है, मैं मोदी जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहा था। एक पत्रकार ने उनसे बड़ा तीखा सवाल पूछा। सवाल था कि आज अगर देश में मोदी सरकार की जगह कांग्रेस सरकार होती तो देश को ऐसा क्या मिलता, जो आपने नहीं दिया? मोदी जी ने अपने अंदाज में जवाब दिया कि, ‘नोटबंदी, जीएसटी, मॉब लिंचिंग, फर्जी गौरक्षक और ये राफेल तो कभी ला ही न पाते।’

चुनाव की तारीख़ों का ऐलान हो गया है। मैं कल ही अयोध्या निकलूंगा और मोदी जी द्वारा बनवाए गए भव्यतम राम मंदिर में भगवान राम से ये यही कहूंगा कि देश को एक ऐसे ही प्रधानसेवक की ज़रूरत थी, आपने प्रभु हमारी इच्छा सुन ली। अगर आप देश का और अपना विकास चाहते हैं तो सत्य के पुजारी और अहिंसा के देवता मोदी जी को ही वोट दीजिएगा।


BY : Yogesh




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