राष्ट्रीय - IBG रणनीति के जरिए दुश्मन के दांत खट्टे करेगी भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय को भेजा प्लान

IBG रणनीति के जरिए दुश्मन के दांत खट्टे करेगी भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय को भेजा प्लान



Posted Date: 09 Feb 2019

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नई दिल्ली। भारत से हमेशा मुंह की खाने वाला पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाला है। वह आए दिन सीमा पर सीजफायर उल्लंघन और जवानों को नुकसान पहुंचाने जैसी हरकतें करता रहता हैं। हालांकि जवाबी कार्रवाई में उसे हमेशा ही भारत से हार मिली है। वहीं अब भारतीय सेना पाकिस्तान की नापाक हरकतों से निपटने और चीन जैसे दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए खुद को और भी आधुनिक बनाने में जुट गई है। यही कारण है कि भारतीय सेना इन दिनों युद्ध की एक नई रणनीति पर कार्य कर रही है।

दरअसल भारतीय सेना युद्ध की नई रणनीति इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स पर कार्य कर रही है। जिसमें युद्ध की स्थिति में एकदम नए कॉन्सेप्ट पर काम किया जाएगा। यही नहीं जल्द ही पंजाब के वेस्टर्न कमांड में इस रणनीति के तहत अभ्यास भी शुरू कर दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के पास भी इस नए प्लान को भेज दिया गया है, जहां से आदेश मिलने के बाद इसका परीक्षण शुरू कर दिया जाएगा।

इस IBG अभ्यास के तहत कुछ खास रणनीति से भारतीय सेना दुश्मन को धूल चटाएगी। जिसमें पहले सेना को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। पहले दल को जहां क्रॉस बॉर्डर ऑपरेशन्स में आक्रामक भूमिका निभानी होगी, तो वहीं दूसरे दल को दुश्मन के हमलों को रोकना होगा। इसके साथ ही वह अपने क्षेत्र को भी बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। बताते चलें कि वर्तमान समय में युद्ध के समय ब्रिगेड को साजो सामान की कमी के समय इंतजार करना पड़ता है।

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वहीं आईबीजी खुद अपने आप में पूरी तरह से सक्षम ब्रिगेड होगी, जिसे युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए ही तैयार किया जा रहा है। इस ब्रिगेड में लगभग 3 से 4 यूनिट्स रहती हैं, जिसमें से प्रत्येक यूनिट में 800 सैनिक होते हैं। नई ब्रिगेड दुश्मन की सोच से ज्यादा ही खुंखार होगी। क्योंकि इसमें टैंक्स की संख्या और आधुनिक हथियारों और उनकी क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। जिससे दुश्मन को वह उनकी रणनीति को अमल में लाने से पहले ही नष्ट कर सकें। इसके साथ ही आर्मी ने अपनी सीमा और क्षेत्र का बचाव करने के लिए भी नई रणनीति बनाई है। जिसमें पहले के मुकाबले जरूरत से ज्यादा थल सैनिक मौजूद होंगे, जिनका कार्य मुख्य स्ट्राइक ग्रुप का साथ देना और अपने क्षेत्र का बचाव करना होगा।

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BY : Akhilesh Tiwari




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