राजनीति - अब अगर ‘NAMO AGAIN’ लिखकर किया ‘सेना के शौर्य को नमन’ तो होगी कार्यवाई

अब अगर ‘NAMO AGAIN’ लिखकर किया ‘सेना के शौर्य को नमन’ तो होगी कार्यवाई



Posted Date: 11 Mar 2019

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक और भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन के भारत वापस आने के बाद हर गली चौराहे पर सेना के शौर्य को नमन करते और अभिनंदन को सलाम करते पोस्टर नज़र आने लगे। ये पोस्टर वहां तक सही था जहां तक इन पोस्टरों में किसी राजनीतिक पार्टी का निशान नहीं था।

इन परिस्थितियों में कुछ छोटे कार्यकर्ता या राजनीतिक पार्टियां चुनावी फायदा लेने के लिए सेना की शौर्यता का सहारा लेती हैं। लेकिन देश के नाम पर राजनीतिक करने वालों पर चुनाव आयोग अब लगाम लगाएगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान कोई भी राजनीतिक पार्टी सेना के जवानों के नाम या तस्वीर का इस्तेमाल न करें। अगर ऐसा होता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक समाचार चैनल की खबर के मुताबिक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 2 मार्च को अपलोड किए गए आदर्श आचार संहिता मैनुअल में इसका ज़िक्र है। इस मैनुअल में लिखा है कि, ‘रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया कि कुछ राजनीतिक दल, नेता और उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार के दौरान विज्ञापनों में रक्षा कर्मियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव आयोग से इस संबंध में उपयुक्त निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया था।’

इस मैनुअल में आगे कहा गया है कि, ‘चुनाव आयोग, सभी राजनीतिक दलों से कहता है कि वे अपने उम्मीदवारों/नेताओं को सलाह दें कि वे अपने चुनाव प्रचार/अभियान के तहत रक्षा कर्मियों या आयोजनों की तस्वीरों को विज्ञापनों में शामिल करने से बचें।’

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चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को एक पत्र लिखकर संबोधित किया। आयोग ने कहा कि, ‘यहां यह उल्लेख करना उचित है कि किसी राष्ट्र के सशस्त्र बल उसके सीमावर्ती, सुरक्षा और राजनीतिक व्यवस्था के संरक्षक होते हैं। वे एक आधुनिक लोकतंत्र में राजनीतिक और तटस्थ हितधारक हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि राजनीतिक दल और नेता अपने राजनीतिक अभियानों में सशस्त्र बलों का कोई भी संदर्भ देते समय बहुत सावधानी बरतें।

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आयोग ने आगे कहा कि, ‘आयोग का विचार है कि सेनाध्यक्ष या किसी अन्य रक्षा कर्मियों की तस्वीरें और रक्षा बलों के कार्यों की तस्वीरें किसी भी तरह से विज्ञापन/प्रचार/अभियान में या चुनाव के संबंध में किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल नहीं की जानी चाहिए।’


BY : Yogesh




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