राजनीति - पार्टी ने कराया सर्वे और नतीजों ने बिगाड़ी गणित, ‘बीजेपी को मिलेंगी सिर्फ 20 सीटें’

पार्टी ने कराया सर्वे और नतीजों ने बिगाड़ी गणित, ‘बीजेपी को मिलेंगी सिर्फ 20 सीटें’



Posted Date: 10 Feb 2019

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उल्टा काउंटडाउन शुरू हो गया है। हर राजनैतिक पार्टी इसी फिराक में है कि कैसे धारदार रणनीति बनाई जाए जिससे सीटों का गणित अपने पक्ष में आ जाए। लिहाज़ा हर छोटी से छोटी बात पार्टी परिकल्पना के बजाए सर्वे और आंकड़ो के आधार पर तय कर रही है। ऐसा ही एक सर्वे कराया भारतीय जनता पार्टी ने लेकिन नतीजो नें पार्टी की प्लानिंग को बदलने पर मजबूर कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में कराए गए एक सर्वे में पता चला है कि पार्टी को 2019 लोकसभा चुनाव में कई सीटों पर अधिक नुकसान हो सकता है। जिसके लेकर अब पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है। सर्वे में पता चला है कि घाटे में जाती सीटों में से अधिकतर उत्तर प्रदेश की हैं, जिससे साफ पता चलता है कि आम चुनावों में बीजेपी को हिंदी बेल्ट में घाटा हो सकता है।

बता दें कि 2014 के आम चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत में उत्तर प्रदेश में मिली जीत का अहम योगदान रहा था और पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 71 पर जीत हासिल की थी। लेकिन हाल ही में सामने आए बीजेपी के सर्वे के अनुसार पार्टी को उत्तर प्रदेश में 51 सीटों का नुकसान हो सकता है। ताजा सर्वे में भाजपा को आगामी लोकसभा चुनावों में सिर्फ 20 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

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उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुकाबला करने के लिए राज्य की चिर-प्रतिद्वंदी या आसान भाषा में कहें तो परस्पर विरोधी पार्टियों बसपा और सपा ने हाथ मिला लिया है। दोनों पार्टियों ने ऐलान किया है कि राज्य में दोनों 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, वहीं बाकी सीटें सहयोगियों को दी गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा को हो रहे इस संभावित नुकसान में बसपा-सपा गठबंधन की अहम भूमिका है।

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हाल ही में कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने भी राजनीति में दस्तक दे दी है। भारतीय राजनीति में उत्तर प्रदेश के महत्व के देखते हुए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है। ऐसे में सपा बसपा गठबंधन के बाद प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री से भाजपा की परेशानी में इजाफा ही हुआ है। ऐसी खबरें हैं कि भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में एक सहयोगी दल की तलाश भी शुरु कर दी है, ताकि अपनी सीटों में कुछ इजाफा किया जा सके।


BY : Yogesh




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