राष्ट्रीय - अदालत का समय बर्बाद करने के लिए तेजस्वी पर 50 हजार का जुर्माना, खाली करना होगा बंगला भी

अदालत का समय बर्बाद करने के लिए तेजस्वी पर 50 हजार का जुर्माना, खाली करना होगा बंगला भी



Posted Date: 08 Feb 2019

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नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। बिहार सरकार ने अपने फैसले में तेजस्वी से पटना में एक बंगले को खाली करने को कहा था, जिसे उन्हें उप मुख्यमंत्री रहने के दौरान आवंटित किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने 'अदालत का कीमती समय' बर्बाद करने के लिए तेजस्वी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पटना उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पटना उच्च न्यायालय ने नीतीश कुमार सरकार के बंगला खाली करने के फैसले को बरकरार रखा था।

राजद, जद (यू) और कांग्रेस के महागठबंधन के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सत्ता में आने के बाद तेजस्वी यादव 20 नवंबर 2015 को बिहार के उप मुख्यमंत्री बने थे।

वह जुलाई 2017 तक उप मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद के साथ संबंधों के असहज होने के बाद भाजपा से हाथ मिला लिया। इसके बाद से तेजवस्वी यादव विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।

बता दे कि तेजस्वी यादव का बंगला खाली कराने के लिए बिहार सरकार की ओर से पुलिस और अधिकारी पहुंचे थे, लेकिन तेजस्वी के बंगले के गेट पर चिपकाई गई नोटिस को देखकर जिसमें सुप्रीम कोर्ट में अपील की बात लिखी गई थी। यह देखकर अधिकारियों ने आला अफसरों से बात की। इसके बाद राजद नेता गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे और बंगला खाली नहीं कराया जा सका था।

तेजस्वी के बंगले को खाली कराए जाने के मामले में उनके बड़े भाई और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। बता दें कि तब तेजस्वी यादव दिल्ली में थे और पुलिस उनका बंगला खाली कराने पहुंच गई थी।

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BY : ANKIT SINGH




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